देवल देवी: एक  संघर्षगाथा,  मेरा ऐतिहासिक उपन्यास  जिसे मैने समर्पित किया है पाकिस्तान की  लड़की रिंकल कुमारी को। सनद रहे २४ फरवरी २०१२ को रिंकल को अगुवा करके उसका  रेप करके उसका जबरन धर्म परिवर्तन किया गया। बाद में उसका निकाह उसके ही अपहरणकर्ता के साथ कर दिया गया। रिंकल ने बहादुरी के साथ अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक आवाज़ उठाई पर कट्टरपंथियों के  देश में उसकी एक न सुनी गई और  भी अपने अपहरणकर्ताओ के चंगुल में है। ठीक ऐसी ही  कहानी  आज  से आठ सौ साल पहले  राजकुमारी देवलदेवी के साथ हुई थी पर देवल देवी ने अपनी कूटनीति से अपने अपहरणकर्ताओ के वंश का नाश कर दिया। मैने इस उपन्यास में इसी स्फूर्तिदायक कहानी का उल्लेख किया है। —सुधीर मौर्य            Deval Devi by Sudheer Maurya

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